स्त्री की सुंदरता मर्यादा में हो तो ही अति उत्तम है
दुनियभारके किस्से कहानियाँ इस ब्लॉग पर आपका स्वागत हैं। इस ब्लॉग पर आपको विविध तरीके की कहानियाँ, किस्से, कविताएं तथा गीत पढ़ने मिलेंगे।
Followers
Sunday, 14 July 2024
सुंदरता मरजाद भवानी
Friday, 8 September 2023
बज बारस पूजन विधि - हिंदी
बज बारस पूजन विधि - हिंदी - हमेशा की तरह थोड़ा धन्यवाद और क्षमा के साथ
उसके बाद पथवारी की पूजा करना है - जिसके लिए पांच छोटे पत्थर लेवे उन्हें अच्छे से पानी से धोले। फिर हर चीज से विधिवत पूजा करे। आरती करके प्रणाम करें - यह पत्थर धरती माता के प्रतिक है। उन्हें प्रणाम कर क्षमा मांगे की आप धरती की सही से सेवा नहीं कर पा रहे और धन्यवाद दे धरती माता को की उसने आपको रहने के लिए जगह दी और आपकी सभी जरूरतों को वह पूरा कर रही है।
यह सब होने के बाद कहानी कहना और सभी बड़ो को प्रणाम करना।
मेरी नजर में यह पूजन:Monday, 8 May 2023
क्या भारतीय सिनेमा या बॉलीवुड की हर फिल्म आपको केवल सच बताती आई हैं?
द केरला स्टोरी यह फिल्म हाल ही में रिलीज हुई हैं और चर्चा का विषय बन चुकी हैं| कुछ फिल्म क्रिटिक्स जो असल में पेड रिव्यु देते हैं उनके हिसाब से ये एक प्रोपगंडा फिल्म हैं| इस फिल्म की कहानी को झूठा साबित करने की पूरी कोशिश की जा रही हैं और कोर्ट केस भी हो गयी हैं|
पर क्या भारतीय सिनेमा या बॉलीवुड की हर फिल्म आपको केवल सच बताती आई हैं?
नहीं भारत की कोई भी कमर्शियल मसाला फिल्म आपको कोई सत्य बताती नहीं हैं| ये १९४० के दशक से केवल भारत की संस्कृति और बहुसंख्यांक हिन्दू समाज को बदनाम और भ्रमित करने के लिए बनायीं गयी हैं| और आप ये ब्रेनवाशिंग आपकी ही कमाई के पैसों से देखते हो आपका अपना कीमती समय देकर|
आपको शायद ये बात गलत लगे पर भारतीय सिनेमा का इतिहास रहा हैं की तत्थ्यों को मोड़कर आपके सामने प्रस्तुत किया जाए और आपके विचारों को देश और धर्म के विरुद्ध भड़काया जाए या हिन्दू होने के नाते आपको शर्मिंदा किया जाए|
श्री ४२० में राज कपूर अपनी प्रेमिका को दिवाली के दिन छोड़कर जुआ खेलने लगता हैं| इस सुपरहिट फिल्म ने दिवाली का स्वरुप विकृत कर दिया| पहले तो यह ट्रेंड सेट हो गया की दिवाली जुआ खेलने का (जो की लक्ष्मीजी का अपमान हैं) का मौका हैं और लोग मॉडर्न बनने के नाम पर लक्ष्मी पूजन के जगह जुए को ज्यादा महत्त्व देने लगे| ऐसा कोई धर्म धरती पर नहीं हैं जो ये कहे की त्यौहार के दिन जुआ खेलो और गरीब हो जाओ पर बॉलीवुड आपको ये झूठ दशकों से परोसता आया हैं और आप आपका समय बर्बाद कर इस झूठ को स्वीकार किये जा रहे हो|
बॉलीवुड का बड़ा फेमस विलेन हैं तेजा जो दिवाली के दिन विजय (अमिताभ बच्चन) के माँ बाप को दिवाली के पटाखों के आवाज का सहारा लेकर मार देता हैं| कुछ ऐसे ही होली के दिन गब्बर (फिर से अमिताभ बच्चन की शोले फिल्म) खून की होली खेलने के लिए गाव में आता हैं| कुछ ऐसे ही होली के दिन किसी दामिनी के घर बलात्कार की घटना होती हैं जो बड़ी भयानकता के साथ दिखाई गयी| ऐसा कोई त्यौहार बॉलीवुड ने नहीं छोड़ा जिसका स्वरुप बदले की भावना से ना जोड़ा गया हो| अमिताभ बच्चन इसमें एक्सपर्ट हैं| ये कलाकार नवरात्रि में माता के ही मंदिर में खून खराबा करता हैं| एंग्री यंग अमिताभ की कई फिल्मे हैं जिसमे हिन्दू त्यौहार पर खून खराबा किया गया हैं और ये अब ट्रेंड बन गया हैं जो फिल्मों तक सिमित नहीं बल्कि टीवी सेर्तिअल्स और सोशल मीडिया के स्केच वीडियोज में भी हैं| ये ट्रेंड इसीलिए बन गया हैं क्यों की हमने इस तरह के दृश्यों पर कोई आपत्ति नहीं जताई|
महाशिवरात्रि पर एक गाना बड़ी जोरशोर से हिन्दू लगते हैं और वो हैं राजेश खन्ना का जय जय शिवशंकर| इस गाने में हिन्दू साधू वेश में राजेश खन्ना के समेत कई कलाकार शिव आराधना के नाम पर भांग का नशा कर अश्लील हरकते करते हैं| और इन अश्लील नशेडी हरकतों के पर हमने ही कोई आपत्ति नहीं जताई और ये गाना रातोरात लोकप्रिय हो गया और आज भी नयी पीढ़ी इसे बड़े चाव से सुनती और देखती हैं| पर ये अश्लीलता होली के गीतों में भी हैं|
होली का पर्व प्रकृति के रंगों से प्रकृति को धन्यवाद देने का पर्व हैं और राधा कृष्ण की आराधना इसका अभिन्न अंग हैं| बागवान फिल्म का “होली खेले रघुवीर अवध में” यही गीत ले लीजिये| बड़े जोर शोर से इस गीत पर होली पार्टी में हिन्दू ठुमके लगाते हैं| गाने का अर्थ निकालता हैं, ‘आप पुरुष हैं और आपको होली पर मौका मिलता हैं की आप हर महिला को अपने हिसाब से शरीर पर कही भी रंग लगादो इसमें शर्माने की कोई बात नहीं हैं|’ और ऐसे ही हर गीत को अश्लीलता से हर होली पर रिलीज़ किया गया और हिन्दू समाज ने ही ऐसे अश्लील गानों को लोकप्रिय बनाया|
बात केवल आपके त्योहारों की ही नहीं आपके मंदिरों की भी हैं| गर्मियों में लोग श्रीनगर, कश्मीर घुमने जाते हैं तो उन्हें सिलसिला फिल्म के “देखा एक ख्वाब” गाने में बताया गया तुलिप गार्डन देखना हैं पर शंकराचार्य मंदिर नहीं जाना हैं| शंकराचार्य मंदिर नहीं जाने का कारन भी बॉलीवुड की फिल्म मिशन कश्मीर में हैं जिसमे शंकराचार्य मंदिर को आतंकवादियों का अड्डा बताया गया|
ये सारा भ्रम भारतीय संस्कृति को निचा दिखाकर भोले भले मासूम समाज का ब्रेनवाशिंग करने के लिए ही बॉलीवुड कई दशकों से किये जा रहा हैं| इसका असर ये होता हैं की लोग तिलक जनेवु छोड़कर चादर और फादर के झांसे में आये| भोली लड़कियों का ब्रेनवाशिंग इन्ही फ़िल्मी सीन्स को बताकर पहले शुरू किया जाता हैं और बाद में उनके साथ जो होता हैं वो द केरला स्टोरी में बताया गया हैं|
आपका कीमती समय, आपकी मेहनत की कमी दोनों आपने इस ब्रेनवाशिंग पर मनोरंजन के नाम पर बर्बाद करना या दोनों का सदुपयोग कर अपने धर्मग्रंथों में लिखी गाथाये पढ़कर स्वयं का तथा अपने बालक बालिकाओं का चरित्र निर्माण करना यह आपका निर्णय हैं| इस लेख का काम आपको सिक्के की दूसरी साइड दिखाना हैं|
मेरे बचपन में मेरी माताजी ने मुझे ये कहा था, “फिल्मों में जो बताते हैं उनमे पाच प्रतिशत सत्य होता हैं|” मैंने सुना क्युकी माताजी की बात में प्रभाव था| आज के बालक इस बात को बोलकर नहीं सुनेंगे| वे इस बात को माने इसके लिए उन्हें पहले अपने व्यवहार में गलत को न देखने की बात लानी पड़ेगी तभी उनकी बात का प्रभाव होगा|
यहाँ तक पढ़ने के लिए धन्यवाद!
जय जय श्री राम!
© रिंकू ताई!
Thursday, 13 April 2023
विकट संकष्टी चतुर्थी
जय श्री गणेश मेरे मित्रों और सखियों। आज विकट संकष्टी चतुर्थी के बारेमे लिख रही हूं।
विकट संकष्टी चतुर्थी
विकट संकष्टी चतुर्थी मतलब वैशाख चतुर्थी याने वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी। मान्यता है की इस दिन गणेशजी की पूजा तथा चतुर्थी व्रत करने से संतान प्राप्ति होती है। इस चतुर्थी को संकट हरने वाली चतुर्थी भी कहते है। यह हिंदू वर्ष की पहली बड़ी चतुर्थी है।
चतुर्थी माता की पूजा
चौथ माता या चतुर्थी माता गौरी का ही एक रूप है। गौरी ने ही गणेशजी को जन्म दिया है। चतुर्थी के दिन माता का पूजन करना चाहिए। देवीभागवत के अनुसार देवी पार्वती और शिव ही सारी सृष्टि के निर्माणकर्ता है - दोनों प्रकृति और पुरुष है। प्रकृति के प्रति मन में हमेशा कृतज्ञता का भाव रहना चाहिए - आप प्रेमसे हर बात के लिए प्रकृति को धन्यवाद देंगे तो वह आपको आपके संकल्प पूर्ण करने की शक्ति देंगी।
चौथ माता की प्रतिमा आपके पास है तो आप उसी प्रतिमा को स्थापित कर उसकी पूजा कर सकते है। और अगर आपके पास माता की प्रतिमा नहीं है तो कोई बात नहीं आप सुपारी को माता की जगह स्थापित कर विधिवत उसी सुपारी की पूजा कर सकते है और माता जी को वस्त्र (कमसे कम ब्लाउज पीस) चढ़ा सकते है। अगले दिन किसी गरीब स्त्री को वही वस्त्र दान दे सकते है।
गणेश पूजन
गणेशजी बुद्धि के देवता है तो उनका सम्बन्ध मानव के विचारों से आता है। गणेशजी की पूजा तथा गणेश मंत्रों का जाप करने से विचारों में शुद्धता आती है और उसका प्रभाव जीवन पर सभी तरह से भला ही होता है।
तीन प्रकार के कर्म होते है - अ) वैचारिक कर्म - सरल भाषा में सोचना, ब) वाणी कर्म - बोलना और क) शारीरिक कर्म - शरीर से किया जाने वाला कर्म। जब तक आप सोचते नहीं तबतक आप शरीर या वाणी से कोईभी कर्म नहीं कर सकते है। इसीलिए आपके विचार शुद्ध रहना जरुरी है। शुद्ध विचार से ही कुशल कर्म संभव है। और अगर कर्म अच्छे है तो परिणाम भी अच्छे रहेंगे।
उसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष या गणेश स्तोत्र का कमसे कम २१ बार पठन करें। गणपति मंत्र की माला भी आप चाहे तो फेर सकते है।
चन्द्र दर्शन एवं चन्द्र पूजन
चतुर्थी के दिन चन्द्र उदय के बाद चन्द्रमा दर्शन कर उन्हें अर्घ्य अर्पित कर पूजन करते है। यह पूजन इसलिए है क्यों की -
१) मनुष्य शरीर में ७०% पानी होता है और चन्द्रमा का खगोलीय असर पानी पर होता है - इसका मतलब हमारे शरीर पर भी उसका असर उतने ही अनुपात में होता है जितने अनुपात में सागर पर होता है। कुछ विशिष्ट तिथियों पर चंद्र का दर्शन करने से मतलब क्षण चंद्रप्रकाश में बिताने से हमारे शरीर पर उसका अच्छा असर होता है इसीलिए उन खास तिथियों पर कोई न कोई व्रत या त्यौहार सनातन धर्म सस्कृति में मनाया जाता है।
२) मनुष्य का मन जल समान है - शान्त हुआ की साफ़ होना शुरू हो जाता है। और इसीलिए मन का स्वामी चन्द्र ऐसा ज्योतिषशास्त्र का मत है। इसीलिए चंद्र का दर्शन करने की परम्परा सदियों से चली आ रही है।
३) चन्द्र का प्रभाव सभी जीवित वस्तुओ पर होता है - वनस्पतियो पर भी होता है। की वनस्पतिया औषधीय होती है उनकी शुद्धि जरुरी है इसीलिए चन्द्र को अर्घ्य प्रदान करते समय मनमे वनस्पतियों की शुद्धि की प्रार्थना अवश्य करे।
भारतीय परम्पराओं में मन के मालिक बनने के हिसाब से ही पूजन विधिया है। और अध्यात्म केवल मन को स्वच्छ करने के लिए है। गणेशजी और चन्द्र के पूजन से मन और विचार दोनों की शुद्धि होती है इसीलिए चतुर्थी के दिन चतुर्थी माता के साथ उनका भी पूजन किया जाता है।
संतान प्राप्ति और सौभाग्य प्राप्ति
संतान प्राप्ति का और चतुर्थी पूजन का सम्बन्ध क्या है? यह प्रश्न मनमे आता है। उसका एक उत्तर यह है की चन्द्रमा का एक माह की एक पूरी साइकिल है - पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक का एक महीने का समय है। और महिलाओ की महावारी का समय भी उतना ही है। चन्द्र पूजन से गर्भ धारणा की सम्भावनाये बढ़ जाती है इसीलिए चन्द्र दर्शन और पूजन आवश्यक है। संतान प्राप्ति के लिए चतुर्थी का व्रत पति और पत्नी दोनों को करना चाहिए तभी अच्छी संतान की प्राप्ति होंगी।
अगर आपके विचार शुद्ध है तो कर्म कुशल रहेंगे और उनसे सारी बाधाएं दूर हो जाएँगी और आपका सौभाग्य जागेगा इसीलिए चतुर्थी व्रत से सारे संकट दूर हो कर व्रत करने वाले पुरुष और स्त्री दोनों को सौभाग्य प्राप्त होता है।
माता, गणेशजी और चन्द्रमा का पूजन चतुर्थी के दिन करते है। अगर आप पूजन पूर्व मन को शांत करके धन्यवाद करते है और मन ही मन देवताओ से जाने अन्जाने बुरे कर्मो की क्षमा याचना करके फिर आपके संकल्प को पूर्ण करने की प्रार्थना करते हो तो आपका व्रत अवश्य पूरा होगा और फलदायी होगा।
अंततक पढ़ने के लिए धन्यवाद। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। और निचे कमेंट बॉक्स में एक बार माता का जयकारा लगा दीजिये।
Sunday, 8 January 2023
माघ स्नान की नयी कथा
Thursday, 5 January 2023
माघ स्नान
जय श्री कृष्णा सखियों और सखाओ माघ पूर्णिमा का स्नान हिन्दू धर्म के हिसाब से ये अत्यंत पूण्य दायक है| आपके मनमे इससे जुड़े कई सवाल होंगे तो आइये जानते है इस आर्टिकल में इसके बारेमे जो को पूर्णतया सवाल जवाब के रूप में है| लाल रंग में है सवाल और काले रंग में है जवाब ध्यानसे पढ़िए और अन्य के साथ भी शेयर करिए|
क्यों किया जाता है माघ स्नान?
स्वर्ग की प्राप्ती के लिए माघ स्नान किया जाता है|
कहा करना पड़ता है स्नान?
माघ स्नान पवित्र नदियोमे करना पड़ता है – नर्मदा, गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, गोदावरी, कृष्णा इत्यादि और अन्य|
कब आता है पुण्यदायक माघ स्नान पर्व?
पौष पुर्निमासे माघ पूर्णिमा तक पुरे माघ माह में होता है ये पुण्यदायक पर्व माघ स्नान|
किन चीजो के दान का महत्व है?
तिल, गूढ़, कम्बल ये ठन्डे मौसम में गर्मी देने वाली चीजे माघ में अवश्य दान करिए| जरुरी नहीं दान का अर्थ ब्राम्हण को ही दान दे – अगर किसी जरुरत मंद को दान करोगे तो अवश्य फल मिलेगा|
क्या किसी किताब का दान करना चाहिए?
हा – ब्रम्हावैवर्त पूरण नामक ग्रन्थ का दान किसी ब्राम्हण को माघ पूर्णिमा के दिन देने से नारायण भगवान की असीम अनुकम्पा प्राप्त होगी| वैसे पूरण की किताबे हर ब्राम्हण के पास होंगी पर अगर आपने किसी गरीब विद्यार्थी या विद्यार्थिनी को ज्ञान अर्जन करने के लिए मदत की तो ज्यादा फलदायी होंगा क्युकी उस गरीब बच्चे की वो जरुरत है – जरुरत मंद को दिया दुआएं ले आएगा आपकी जिंदगी में|
क्या करे स्नान करने जाये तब?
हिन्दू धर्म ग्रंथोमे कई प्रकार के स्नान पर्वो की महत्ता बाताई गयी है – नदी हो या तालाब या सरोवर या सागर – है तो जल देने वाले – उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी क्युकी पूरी मनुष्य सभ्यता फिर हिन्दू रहे या हिदुत्व के बाहर रहे पानी हर एक की जरुरत है इसीलिए हर जलाशय की स्वच्छता और सुरक्षा भी एक नैतिक जिम्मेदारी है| आप पवित्र जलाशय में स्नान करिए और पूण्य फल पाइए| पर स्नान के पहले हर व्यक्ति थोड़ी सफाई हर व्यक्ती उस निसर्गरम्य जलाशय के किनारे की करे और स्नान के पश्चात् अपना फैलाया कूड़ा करकट भी साफ़ कर कचरे की डिब्बे डाले| इस सफाई से नारायण के साथ साथ उस जलाशय की देवता भी आपको आशीर्वाद देंगी| अगर आप किसी जलाशय के पास कचरा डालने के लिए व्यवस्था न दिखे तो स्वच्छ भारत एप से इसकी शिकायत जरुर कीजिये| और ऐसेमे एप सारा कचरा कैरी बैग में भर कर घर लौटते वक्त जो भी सार्वजानिक कचरा डिब्बे में डाल देवे| याद रखिये स्वच्छ जलाशय ही आपको पवित्र स्नान और पूण्य दे सकता है चाहे आपकी सरकार कोईभी हो| माघ का स्नान हर नारायण भक्त का मौलिक अधिकार है और हर नदी की स्वच्छता हर मनुष्य की जिम्मेदारी| कहिये हर पूण्य प्राप्त करने वाला नदी की सफाई करने में अपना थोडा समय देंगा न?
माघ स्नान जायेंगे माघ मेला घूमेंगे और पवित्रता हमारी नदी माता की जरुर बनायेंगे|
ए आय संग बाते: #काला_कानून_वापस_लो
#काला_कानून_वापस_लो ये क्यों ट्रेंड हो रहा है? @ grok यह हैशटैग हाल के सुप्रीम कोर्ट फैसले के विरोध में...
-
Vande Matram! In exams we have to solve unseen poem question. Here is one for you. Credit: Hitavada Twinkle Star, Poet: Pavleen Arora Po...
-
The greedy crocodile Once upon a time there was a monkey. He was living on a tree that was on the bank of the river. There were thousand’s...
-
Vande Matram! In exams we have to solve unseen poem question. Here is one for you. Credit: Hitavada Twinkle Star, Poet: Ishwari Mulkatwar...