बहन कहे बीरा झेलो बत्तीसी
भाणजी रा ब्याव उपर आणो पडसी ।। धृ ।।
सुसराजी ने पेचा पगडी लानो पडसी,
सासुजीने बेस बीरा लानो पडसी,
बडेरारी रित बीरा करनी पडसी,
माहेरारी टेक बीरा रखनी पडसी ||१ ||
जेठसाने मोळीया बांधना पडसी,
दिवर जिठाण्याने साड्या बुलानी पडसी ।
नंणदोईसा ने रोख रुपयो देनो पडसी,
बाईसाने बेस बीरा लानो पडसी । ।२ ।।
जवाईजीने पांचु कपडा लाना पडसी
म्हाने बीरा चूंदडी ओढानी पडसी,
भाणज्याने पांचू कपडा लाना पडसी
भाणजीरो भात बीरा भरनो पडसी ॥३ ॥
नोट: लड़के के ब्याह में भाणजी की जगह भाणजा कहना
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