माँ शाकम्बरी
जय माँ शाकम्बरी, जय जय देवी,हरियाली भरी, प्रकृति की नेवी।
शाक सब्जियों की, रक्षक तुम हो,धरती को हरी-भरी, करती आप हो।
धुंधकर का वध, किया तुमने,अन्न दिया जग को, सबको खुशियाँ दी।
माघ पूर्णिमा को, आपकी जयंती,भक्तों को देती हो, सुख-शांति सब ही।
प्रकृति की देवी, आपकी महिमा,फूलों की खुशबू, सब में बसी है।
सब्जियों की रानी, आपका नाम,जय जय शाकम्बरी, माँ बन के सम।
हाथ जोड़ कर हम, करते प्रणाम,माँ शाकम्बरी, आपके चरणों में।
दे दो आशीर्वाद, हर दुख हरो,जय जय शाकम्बरी, जग की माता हो।