बागामें बाजे जंगी ढोल, शहरामें बाजे सारंगीजी
आयो म्हारो जामन जायो बीरो, चुंदड लायो नवरंगीजी ।।
मोजु तो हात हजार तोळू तो तोळा तीसरीजी
मेलू तो तरसे म्हारो जीव, ओढू तो हिरा खिर पडेजी ।।
पेरु म्हारा कँवरारे ब्याह, पल्लारावू लुळकंताजी ।।
देखे म्हार देवर जेठ, राजिंद देखे मुळकंताजी
देखे म्हारो सो परिवार, राजिंद देखे मुळकंताजी
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